http://www.news4city.com/%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B6%E0%A5%8D.html
पं. दामोदरदास चतुर्वेदी स्मृति सम्मान व रानी लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस समारोह का आयोजन
पहले दिन के साहित्यिक समारोह में जहां
अनेक कवियों ने समां बांधा वहीं दूसरे दिन के समारोह का मुख्य आकर्षण रहा
अंकित जैन एंड पार्टी द्वारा श्री प्रदीप जैन द्वारा लिखित गीत ‘हम
बुंदेले, हम बुंदेले’ का मंचन व साहित्य कला परिषद के कलाकारों द्वारा
प्रस्तुत रानी झांसी पर आधारित नृत्य नाटिका। इन कार्यक्रमों ने दर्शकों का
खूब मन मोहा। पहले दिन के विभिन्न कार्यक्रमों का कुशल संचालन जहाँ
सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति के स्थानीय प्रमुख श्री सुरेश नीरव व
अरविन्द पथिक ने किया वहीं दूसरे दिन के कार्यक्रम का संचालन बुन्देलखंड
विकास परिषद के पदाधिकारी श्री अवधेश चौबे ने किया। पहले दिन के समारोह के
मुख्य अतिथि सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी एवं दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष डा०
योगानंद शास्त्री ने भाषाओं के माध्यम से देश को जोडने पर बल दिया
दूसरे दिन के समारोह के मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री प्रदीप जैन एवं समाजवादी नेता रघुठाकुर, पूर्व सांसद श्री उदय प्रताप सिंह व विधायक डॉ. एस. सी. एल. गुप्ता ने अपने भाषणों में रानी झांसी की स्मृति को ताजा करते हुए राष्ट्रीय एकता का आवाह्न करके श्रोताओं का खूब दिल जीता।
दूसरे दिन के समारोह के मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री प्रदीप जैन एवं समाजवादी नेता रघुठाकुर, पूर्व सांसद श्री उदय प्रताप सिंह व विधायक डॉ. एस. सी. एल. गुप्ता ने अपने भाषणों में रानी झांसी की स्मृति को ताजा करते हुए राष्ट्रीय एकता का आवाह्न करके श्रोताओं का खूब दिल जीता।
दोनों अवसरों पर शिक्षा, प्रशासन, फिल्म,
चिकित्सा, साहित्य एवं कला आदि क्षेत्रों की अनेक जानी-मानी हस्तियों को
सम्मानित भी किया गया। जिनमें पहले दिन दामोदर दास स्मृति सम्मान से
सर्वश्री बी. एल. गौड, सुभाष जैन, राजकुमार सचान होरी, प्रशांत योगी, डा.
प्रदीप चतुर्वेदी, प्रवीण चौहान, अशोक शर्मा, डा. लक्ष्मी शंकर वाजपेयी,
शरददत्त, रिंद सागरी, डा. जया बंसल, कुंवर जावेद, ब्रजेंद्र त्रिपाठी, विजय
आईदासानी, डा० रिचा सूद, अरूण सागर, जय कुमार रूसवा को नवाजा गया। इसी
प्रकार से बुंदेलखंड विकास परिषद के प्रतिभा सम्मान से सर्वश्री डॉ. वी. के
अग्रवाल, डॉ. ओ. पी. रावत, इंजि. वी. के. शर्मा, अरूण खरे, राजीव दुबे,
डॉ. बी. एल. जैन, डॉ. वी. के. जैन, कामिनी बघेल एवं डॉ. अनिल जैन आदि को
सम्मानित किया गया।
दो दिनों तक चले इस समारोह में श्री किशोर
श्रीवास्तव की जन चेतना कार्टून पोस्टर प्रदर्शनी ‘खरी-खरी’ भी दर्शकों के
आकर्षण का केंद्र बनी रही।
अपन गाम अपन बात:
![]() |
| Add caption |
राष्ट्र कवि मैथलीशरण गुप्त जयंती एवं पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न
3 अगस्त 2010, नई दिल्ली स्थित भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद,आजाद भवन
के आडिटोरियम में राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्त मेमोरियल ट्र्स्ट एवं गहोई
वैश्य एसोसिएशन द्वारा राष्ट्र कवि मैथलीशरण गुप्त जयंती एवं पुरस्कार
वितरण समारोह का आयोजन किया गया. इस अवसर पर स्मारिका का विमोचन भी किया
गया.
इस वर्ष राष्ट्र कवि मैथलीशरण गुप्त शिरोमणि पुरस्कार श्री मानिक बच्छावत द्वारा रचित इस शहर के लोग, राष्ट्र कवि मैथलीशरण गुप्त प्रवासी भारतीय पुरस्कार सुश्री दिव्या माथुर द्वारा रचित झूठ, झूठ और झूठ राष्ट्र कवि मैथलीशरण गुप्त गरिमा पुरस्कार डा. योगेंद्रनाथ शर्मा अरुण द्वारा रचित वैदुष्मणि विद्दोत्तमा गरिमा, राष्ट्र कवि गहोई साहित्य सम्मान डा. अनुपमा गुप्त द्वारा रचित कुरुक्षेत्र बनाम कलि क्षेत्र तथा विशेष सम्मान श्री गोविंद गुप्त समाज सेवी शिक्षाविद, कवि तथा साहित्यकार को दिया गया.
इस समारोह की अध्यक्षता पूर्व सांसद डॉ. रत्नाकर पांडेय ने की. उन्होंने अपने उद्बोधन भाषण में राष्ट्र कवि मैथली शरण गुप्त के जीवन का संक्षिप्त परिचय देते हुए वर्तमान भारतीयता की संकल्पना का जनक और उन भारतीय मूल्यों की ओर इंगित किया जिसे आज लोग त्याज्य कर चाटुकारिता और मान मर्दन की ओर उन्मुख हो गए हैं.बातों ही बातों में उन्होंने वर्तमान राजनीतिक पतन की ओर संकेत भी कर दिया और सुझा भी दिया कि भारत की महानता तभी आस्तित्व में रह सकती है जब हम अपने महापुरुषों के पग चिह्नों का अनुसरण करें.
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में श्री प्रदीप कुमार जैन,श्री टी.मनैया,श्रीमती दमयंती गोयल,श्री संदीप दीक्षित,श्री दिनेश मिश्र,श्री राधेश्याम कुचिया, श्री नसीब सिंह,डॉ. कंवर सेन,डॉ. एस.सी.एल.गुप्ता,श्री राजेश गौड़ के साथ मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के महानिदेशक श्री सुरेश कुमार गोयल उपस्थित थे. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संभ्रांत वर्ग के लोग उपस्थित थे. सभागार का हाल खचाखच भरा हुआ था.
इस कार्यक्रम का मंचीय संचालन डॉ. विवेक गौतम और प्रबंधन डॉ. अजय गुप्त निदेशक (कार्यक्रम),भा.सा.सं परि. तथा सहयोग श्री अशोक जाजोरिया ने किया.
इस वर्ष राष्ट्र कवि मैथलीशरण गुप्त शिरोमणि पुरस्कार श्री मानिक बच्छावत द्वारा रचित इस शहर के लोग, राष्ट्र कवि मैथलीशरण गुप्त प्रवासी भारतीय पुरस्कार सुश्री दिव्या माथुर द्वारा रचित झूठ, झूठ और झूठ राष्ट्र कवि मैथलीशरण गुप्त गरिमा पुरस्कार डा. योगेंद्रनाथ शर्मा अरुण द्वारा रचित वैदुष्मणि विद्दोत्तमा गरिमा, राष्ट्र कवि गहोई साहित्य सम्मान डा. अनुपमा गुप्त द्वारा रचित कुरुक्षेत्र बनाम कलि क्षेत्र तथा विशेष सम्मान श्री गोविंद गुप्त समाज सेवी शिक्षाविद, कवि तथा साहित्यकार को दिया गया.
इस समारोह की अध्यक्षता पूर्व सांसद डॉ. रत्नाकर पांडेय ने की. उन्होंने अपने उद्बोधन भाषण में राष्ट्र कवि मैथली शरण गुप्त के जीवन का संक्षिप्त परिचय देते हुए वर्तमान भारतीयता की संकल्पना का जनक और उन भारतीय मूल्यों की ओर इंगित किया जिसे आज लोग त्याज्य कर चाटुकारिता और मान मर्दन की ओर उन्मुख हो गए हैं.बातों ही बातों में उन्होंने वर्तमान राजनीतिक पतन की ओर संकेत भी कर दिया और सुझा भी दिया कि भारत की महानता तभी आस्तित्व में रह सकती है जब हम अपने महापुरुषों के पग चिह्नों का अनुसरण करें.
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में श्री प्रदीप कुमार जैन,श्री टी.मनैया,श्रीमती दमयंती गोयल,श्री संदीप दीक्षित,श्री दिनेश मिश्र,श्री राधेश्याम कुचिया, श्री नसीब सिंह,डॉ. कंवर सेन,डॉ. एस.सी.एल.गुप्ता,श्री राजेश गौड़ के साथ मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के महानिदेशक श्री सुरेश कुमार गोयल उपस्थित थे. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संभ्रांत वर्ग के लोग उपस्थित थे. सभागार का हाल खचाखच भरा हुआ था.
इस कार्यक्रम का मंचीय संचालन डॉ. विवेक गौतम और प्रबंधन डॉ. अजय गुप्त निदेशक (कार्यक्रम),भा.सा.सं परि. तथा सहयोग श्री अशोक जाजोरिया ने किया.
भाजपा ने जनसुनवाई के विरोध में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के बाहर धरना दिया। इस मौके पर विजय गोयल ने कहा कि निजी बिजली कंपनियों की सहायता करने के लिए मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और उनके सहयोगी डीईआरसी को मुखैटा के रूप में प्रयोग कर रहे हैं। धरने में विधायक मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व सांसद डॉ. अनीता आर्या, विधायक नरेश गौड़, डॉ. एस.सी.एल. गुप्ता, रविन्द्र बंसल, प्रदेश महामंत्री रमेश बिधूड़ी, जय प्रकाश समेत अन्य लोग मौजूद थे।
चुनावी साल होने की वजह से इस बार बिजली की दरें नहीं बढ़ेंगी। यह संकेत बिजली दरों का निर्धारण करने वाले दिल्ली बिजली नियामक आयोग (डीईआरसी) के अध्यक्ष पी.डी. सुधाकर ने सोमवार को जनसुनवाई में दिया है।
सुधाकर ने यह संकेत तब दिया जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल ने उन पर पक्षपात का आरोप लगाया। गोयल ने कहा जनसुनवाई का कोई फायदा नहीं है। कुछ दिन बाद तो बिजली की दरें बढ़नी ही हैं। यह सुनकर सुधाकर तैश में आ गए। वह बोल पड़े कि चिंता मत करो, इस बार दरें नहीं बढ़ने वाली हैं। यह सुनते ही पूरे हाल में चुप्पी छा गई।
इस पर गोयल ने चुटकी लेते हुए कहा कि इसका मतलब चुनाव के बाद रेट बढ़ेंगे। तब तक सुधाकर भी संभल चुके थे, उन्होंने बात को टालते हुए दूसरे प्रतिभागी को आमंत्रित किया। हालांकि गोयल इस पर स्पष्टीकरण चाहते थे कि चुनाव बाद रेट बढ़ाए जाएंगे या नहीं।
जनसुनवाई के दौरान इस बार भारी सुरक्षा इंतजाम थे। यह डीईआरसी मुख्यालय के बजाय अगस्त क्रांति मार्ग स्थित पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स के सभागार में आयोजित की गई। लगभग छह घटे की सुनवाई के दौरान बिजली वितरण कंपनियों की मनमानी और डीईआरसी द्वारा इन कंपनियों का पक्ष लेने पर लोगों ने जमकर नाराजगी जताई। उन्होंने यहां तक कहा कि यह सुनवाई भी आइपीएल मैच की तरह फिक्स है। ज्यादातर आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने कहा कि कंपनियों के खाते की जांच भारत के लेखा परीक्षक एवं नियंत्रक (कैग) से कराई जाए। फिर भी कंपनियां घाटे में हों तो वे बढ़ी हुई दरें भरने को तैयार हैं। उल्लेखनीय है कि बिजली कंपनियों द्वारा बिजली दरों में वृद्धि की याचिका पर डीईआरसी ने यह जनसुनवाई आयोजित की थी।
डॉ. एस.सी.एल. गुप्ता को विकास के नाम पर कोई फंड नहीं
राजनीतिक दल वेल्फेयर पार्टी ऑफ इंडिया के
राष्ट्रीय महासचिव डॉ. क़ासिम रसूल इलियास को साउथ दिल्ली म्यूनिसिपल
कारपोरेशन से मिले आरटीआई के दस्तावेज़ के मुताबिक इस कारपोरेशन के गठन से
लेकर 31 जनवरी, 2013 तक शीला दीक्षित को कोई धन-राशि नहीं मिली है, जिससे
वो विकास कार्य करा सकें. सिर्फ शीला दीक्षित ही नहीं, बल्कि उनके साथ
भाजपा विधायक सत प्रकाश राणा, करण सिंह तंवर, अरविन्दर सिंह, प्रेम सिंह और
डॉ. एस.सी.एल. गुप्ता के नाम भी फहरिस्त में शामिल हैं, जिन्होंने विकास
मद में कोई पैसा नहीं लिया है.
वहीं
इस कारपोरेशन क्षेत्र के 27 विधायकों में सबसे ज्यादा फंड ओखला के विधायक
मो. आसिफ खान को मिला है. उन्हें साउथ दिल्ली म्यूनिसिपल कारपोरेशन से
उसके गठन से लेकर 31 जनवरी, 2013 तक 426.98 करोड़ की धन-राशि विकास कार्य
के लिए दिया गया है. लेकिन विकास का सच यहां की पब्लिक बखूबी जानती है.
वेल्फेयर
पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. क़ासिम रसूल इलियास कहते हैं
कि आरटीआई से मिले दस्तावेज़ से यह साबित होता है कि मुख्यमंत्री व दिल्ली
के अन्य विधायकों के सामने अपने इलाके के विकास का कोई न कोई विज़न है और न
कोई प्लानिंग. और न ही उन्हें इसमें कोई दिलचस्पी है.
आरटीआई
के दस्तावेज़ के मुताबिक पिछले एक साल में 4692.5 करोड़ रूपये विकास कार्य
के लिए साउथ दिल्ली म्यूनिसिपल कारपोरेशन क्षेत्र के 27 विधायको को दिया
गया है. हम सभी जानते हैं कि दिल्ली में चुनाव सर पर हैं और अगर ऐसे में
शीला व भाजपा के विकास का यह चेहरा आम आदमी को समझ में आ गया तो भारी-भरकम
दावों की धज्जियां उड़ सकती हैं.
टॉस्क फोर्स से अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों में भय व्याप्त है:डॉ.एस.सी.एल. गुप्ता
यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने
इन कॉलोनियों को पास करने के लिए प्रोविजन सर्टिफिकेट बांटे???
दिल्ली सचिवालय।।
अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए बीजेपी
ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस
ने पानी की तेज धार छोड़ी, जिससे कुछ कार्यकर्ता घायल हो गए। अध्यक्ष
विजेंद्र गुप्ता और महासचिव प्रवेश वर्मा सहित अनेक नेताओं को हिरासत में
लिया गया और बाद में छोड़ दिया गया।
बीजेपी नेता दिल्ली गेट के पास शहीदी पार्क के सामने इकट्ठे हुए जहां प्रदेश अध्यक्ष के अलावा विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार मल्होत्रा, विधायक रमेश बिधूड़ी और सह प्रभारी रामेश्वर चौरसिया आदि ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को पास करने की घोषणा कर दी थी। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इन कॉलोनियों को पास करने के लिए प्रोविजन सर्टिफिकेट बांटे थे लेकिन उसके बाद कॉलोनियों की कोई सुध नहीं ली गई। अब लोग सुविधाओं की मांग कर रहे हैं तो सरकार ने टॉस्क फोर्स गठित कर दी है। इस फोर्स के कारण कॉलोनियों के लोगों में भय व्याप्त है। इसे तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।
इसके बाद बीजेपी नेता और कार्यकर्ता दिल्ली सचिवालय की ओर कूच कर गए। इन नेताओं में विधायक धर्मदेव सोलंकी, साहिब सिंह चौहान, मोहन सिंह बिष्ठ, श्रीकृष्ण त्यागी, डॉ. एस.सी.एल. गुप्ता, अनिल झा और पदाधिकारी पवन शर्मा तथा आशीष सूद भी थे। बीजेपी नेताओं ने सचिवालय में जाने की कोशिश की तो उन्हें रोक दिया गया और इस दौरान पुलिस से उनकी भिड़ंत हो गई। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की तेज धार का इस्तेमाल किया जिससे मुन्नी ठाकुर समेत कुछ कार्यकर्ता गिर गए और घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। बाद में अनेक नेताओं को हिरासत में लेकर कमला मार्केट थाने ले जाया गया और फिर छोड़ दिया गया। बीजेपी ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को ज्ञापन भी भेजा है।
बीजेपी नेता दिल्ली गेट के पास शहीदी पार्क के सामने इकट्ठे हुए जहां प्रदेश अध्यक्ष के अलावा विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार मल्होत्रा, विधायक रमेश बिधूड़ी और सह प्रभारी रामेश्वर चौरसिया आदि ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को पास करने की घोषणा कर दी थी। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इन कॉलोनियों को पास करने के लिए प्रोविजन सर्टिफिकेट बांटे थे लेकिन उसके बाद कॉलोनियों की कोई सुध नहीं ली गई। अब लोग सुविधाओं की मांग कर रहे हैं तो सरकार ने टॉस्क फोर्स गठित कर दी है। इस फोर्स के कारण कॉलोनियों के लोगों में भय व्याप्त है। इसे तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।
इसके बाद बीजेपी नेता और कार्यकर्ता दिल्ली सचिवालय की ओर कूच कर गए। इन नेताओं में विधायक धर्मदेव सोलंकी, साहिब सिंह चौहान, मोहन सिंह बिष्ठ, श्रीकृष्ण त्यागी, डॉ. एस.सी.एल. गुप्ता, अनिल झा और पदाधिकारी पवन शर्मा तथा आशीष सूद भी थे। बीजेपी नेताओं ने सचिवालय में जाने की कोशिश की तो उन्हें रोक दिया गया और इस दौरान पुलिस से उनकी भिड़ंत हो गई। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की तेज धार का इस्तेमाल किया जिससे मुन्नी ठाकुर समेत कुछ कार्यकर्ता गिर गए और घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। बाद में अनेक नेताओं को हिरासत में लेकर कमला मार्केट थाने ले जाया गया और फिर छोड़ दिया गया। बीजेपी ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को ज्ञापन भी भेजा है।
हिन्दी हेल्पलाइन की अखिल भारतीय बैठक दिल्ली में हुई सम्पन ।
नई दिल्ली 25 मार्च 2013। हिन्दू हेल्पलाइन की अखिल भारतीय बैठक दिल्ली के आर. के पुरम सेक्टर -७ स्थित काली माता मंदिर में संपन हुई , बैठक में देश के सभी प्रदेशो के प्रतिनिधियों नै भाग लिया बैठक की अध्यक्षता हिन्दू हेल्पलाइन के संरक्षक रंजित नट्टू जी ने की मुख्य अतिथि विहिप कार्याध्यक्ष व हिन्दू हेल्पलाइन के मार्गदर्शक डॉ प्रवीन भाई तोगड़िया नै कार्यकर्ताओ को संबोधित किया और आगामी परियोजनाओ को समझाते हुए बताया की किस प्रकार से हिन्दुओ की सहायता की जा सकती है और हिन्दू हेल्पलाइन ने गत २ वर्षो में 30 लाख से अधिक लोगो को सेवा प्रदान की है , पुरे दिन चली बैठक में चर्चा हुई और आगामी योजना के माध्यम से देश के करोडो हिन्दुओ की निशुल्क सहायता देने का प्रयास किया जाये ।
देश के किसी भी कोने में हिन्दू स्वयं को अकेला न महसूस करे और हिन्दू हेल्पलाइन उसका एक विश्वशनीय मित्र के रूप में सदेव उपस्थित रहे ऐसा प्रयाश किया जाये ।
बैठक में दिल्ली प्रान्त के प्रान्त सयोजक श्री दीपक कुमार , हिन्दू हेल्पलाइन प्रान्त मिडिया प्रभारी श्री राकेश पाण्डेय , विहिप प्रान्त संगठन मंत्री श्री करुणा प्रकाश, बजरंग दल प्रान्त पूर्णकालिक श्री नीरज दोनेरिया सहित हिन्दू हेल्पलाइन के प्रान्तों के सयोजक और दिल्ली प्रान्त के अनेको बजरंग दल , विहिप , संघ के कार्यकर्ता उपस्थित थे ।
भवदिये
राकेश पाण्डेय
मिडिया प्रभारी
हिन्दू हेल्पलाइन दिल्ली प्रान्त
हिन्दू हेल्पलाइन के द्वतीय वार्सिकोत्सव सांस्कृतिक समाहरोह दिल्ली में सम्पन
Press Release :
contact Hindu Help Line central call centre numbers : 020 – 66803300, 075886 82181. Inspiration
& Guidance- Dr Pravin Togadia
-------------------------------------------------------------------------------------------------------
Press “Hindu Ratna’ to Shri Vishnu Hari Dalmia ji & Dr Subramanian
Swamy Hindu Help Line 2nd Anniversary launches Hindu News Network New
Delhi, March 23, 2013 In a simple function in Delhi, Hindu Helpline
celebrated its 2nd Anniversary. To help Hindus in emergencies related to
Travel / Health / Admin / Legal/ Religion etc, HHL has a 24 X 7 Call
Canter & so far over 10,000 Hindus have availed of the service.
‘Hindu Ratna’ Awards are conferred upon Hindus doing great work for the
society in the fields of Art Culture / Economics / Science & Tech /
Law / Business / Agriculture etc. 2013 Hindu Ratna were conferred upon
the noted Industrialist & Patron / Ex President of VHP Shri Vishnu
Hari Dalmia ji and veteran Socio-Economic Thinker & Janata Party
President Dr Subramanian Swamy. ‘Hindu Ratna’ has a specially designed
classic Trophy & a beautiful Citation to accompany. A unique news
system for Hindu news: Hindu News Network – a concept & initiative
by Dr Pravin Togadia was launched at the function at the hands of Shri
Dalmia ji, Dr Swamy & Dr Togadia. Hindu News now will be available
on www,facebook.com/HinduNewsNetwork and www.hindunewsnetwork.org.
Hindu Help Line brings out a classic annual planner diary with
important info. This year’s planner too was launched in the function.
Tripura’s Tribals presented a magnificent Tribal dance ‘Kojagiri Nrutya’
in the function & the Tribals who came all the way from Tripura for
the function were felicitated with great zeal. Speaking on the
occasion, Hindu Ratna Shri Vishnu Hari Dalmia ji said, Hindi Help Line
was the most needed initiative for Hindus. In day today life, Hindus
face many problems & there was no organization to hold their hand in
the times of such difficulties. I congratulate Dr Togadia ji & the
team for Hindu Help Line.” Hindu Ratna & Janata Party President Dr
Subramanian Swamy in his usual electrifying speech, said, “India is
Hindu Rashtra & Hindu Help Line is a significant step forward to
take common Hindus along. For bigger issues, there are many
organizations; but Hindu felt lonely in personal / social difficulties.
Hindu Help Line has filled up that vacuum. It is time now that all
Hindus come together to create a renaissance. ‘Hindu Ratna’ matters to
me as a proud Hindu.” Elaborating on the Hindu Help Line further, VHP
International Working President Dr Pravin Togadia said, “Hindu Help Line
is an emergency service for Hindus. Hindus from anywhere in Bharat can
call Hindu Help Line Call Center 24 X 7 for emergencies in Travel /
Health / Law / Admin etc. I am glad that over 10,000 Hindus got help in
time. From Reaching lunch boxes to the relatives of the patients from
remote villages who come to cities for medical treatment to making blood
available & from giving an efficient legal aid to sending help to
drought affected farmers, Hindu Help Line cares for Hindus. A lot more
needs to be done & the Team HHL needs your support on the way ahead.
I am glad to be able to get Shri Dalmia ji & Dr Swamy together here
on the Hindu Help Line stage for ‘Hindu Ratna’.“ Launching the special
Hindu News Network Face Book system & a news portal Dr Togadia said,
“We had it in mind for long as most media – especially electronic media
due to their own compulsions cannot reach detailed Hindu news all over.
Hindu News Network Face Book Page, portal etc will be a great forum for
Hindus to share their news & views even from the remotest village
to the tribal belt to many Hindus settled abroad. It is a full-fledged
news network with Breaking News, News Updates about happenings
nationally & globally, Hindu Culture & Heritage. Science &
Tech, Law, Interviews, Sports, Finance & all. There are Book Reviews
& Film reviews. Hindu News Network is FOR HINDUS! Together, let us
make a real & permanent difference now!” Shri Ranjeet Natu, HHL
President introduced the concept of the HHL Business Planner Diary
during the launch. Shri Champat Rai – VHP Intnl Gen. Secy, Shri Om
Prakash ji Singhal, Shri Subhash ji Kapoor & other dignitaries were
present on the dais at the HHL Anniversary. __________ Contact: Hindu
Help Line: contacthhl@gmail.com Hindu Help Line: 020-66803300 /
07588682182 Dr Pravin Togadia: drtogadia@gmail.com Hindu News Network:
contacthnn@gmail.com Hindu News Network: www.facebook.com/HinduNewsNetwork www.hindunewsnetwork.org www.facebook.com/HHL-Hindu-Help-Line/133768866764910 www.facebook.com/togadia https://twitter.com/DrPravinTogadia https://twitter.com/swamy39
भवदीय
राकेश पाण्डेय ,
मिडिया प्रभारी
हिन्दू हेल्पलाइन दिल्ली
संपर्क :09717311794
अनुडाक : hinduhelpline.delhi@gmail.com
Regards :
राकेश पाण्डेय ,
मिडिया प्रभारी
हिन्दू हेल्पलाइन दिल्ली
संपर्क :09717311794
अनुडाक : hinduhelpline.delhi@gmail.com
Regards :
Rakesh Pandey
Media In-charge
HHL Media Cell , Delhi
9717311794
Email: hinduhelpline.delhi@gmail.com
Email: hinduhelpline.delhi@gmail.com
Tuesday, 12 March 2013
23
मार्च, 2013, इन्द्रप्रस्थ (दिल्ली): आज शाम श्री विष्णु हरी दालमिया जी
(मार्गदर्शक व् पूर्व अध्यक्ष - विश्व हिन्दू परिषद् एवं सन्मान्य उद्योजक)
और डॉ सुब्रमणियन स्वामी (अध्यक्ष - जनता पार्टी एवं ख्यातसिद्ध
सामाजिक-आर्थिक चिन्तक) को 'हिन्दू रत्न' दिया जाएगा। हिन्दू हेल्प लाइन के
द्वितीय वर्षपूर्ति के अवसर पर हिन्दू हेल्प लाइन के प्रेरक मार्गदर्शक
एवं विशे हिन्दू परिषद् के आंतर राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ प्रवीण तोगड़िया
जी मार्गदर्शन करेंगे।
March 23, 2013: Indraprastha (Delhi): 'Hindu
Ratna' to be conferred upon Shri Vishnu Hari Dalmia ji - Patron & Ex
President of VHP & Noted Industrialist as well as on Dr Subramanian
Swamy - President - Janata Party & a veteran Socio-Economic
Thinker. Today in Delhi at 5 pm in Hindu Help Line 2nd Anniversary
Programme.
नई दिल्ली ,14 मार्च 2013 |
हिन्दू हेल्प लाइन के द्वितीय वार्षिकोत्सव समाहरोह , दिल्ली में आयोजित किया गया है |
मुख्या अथिति : डॉ प्रवीन भाई तोगड़िया ( विश्व हिन्दू परिषद् , अंतराष्ट्रीय कार्य अध्यक्ष )
श्री चम्पत राय ( अंतराष्ट्रीय महामंत्री ,विहिप )
श्री स्वदेश पल गुप्ता जी ( विहिप दिल्ली अध्यक्ष )
कार्यक्रम का समय : 5 :00 शाम
दिन : २३ मार्च २०१३ ( 23 मार्च 2013 )
स्थान : प्यारे लाल भवन , आईटी ओ , नई दिल्ली
सम्पर्क : दीपक जी 9210061516, राकेश पाण्डेय 9717311794
-
राकेश पाण्डेय ,
प्रचार - प्रसार विभाग , हिन्दू हेल्पलाइन दिल्ली
+91-9717311794
वैभव नहीं,आरोग्य-शक्ति के उपासक डा. एस.सी.एल. गुप्ता: लालकृष्ण आडवाणी
दीप जलाकर रजत जयंती महोत्सव का उदघाटन करते हुए श्री लालकृष्ण आडवाणी। उनके साथ खड़े हैं डा. हर्षवद्र्धन, डा.पी.टी. चंद्रमालि, डा. एस.सी.एल. गुप्ता, डा. नमिता गुप्ता एवं डा. वल्लभ भाई कथीरिया (दायीं ओर के चित्र में) श्री कुप्.सी.सुदर्शन स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष डा. अजय कुमार छाया चित्र: पाञ्चजन्य/हेमराज गुप्ता
"इलाज
में लापरवाही, रोगी के हाथ में कीड़े पड़े' 4 नवम्बर, 2002 को एक हिन्दी
दैनिक में छपा यह शीर्षक और उसके साथ दिल दहला देने वाला चित्र समाचार पढ़ने
को मजबूर कर देता है। तेल एवम् प्रकृतिक गैस आयोग में तकनीशियन के पद पर
तैनात सुनील दायीं बाजू में गहरे जख्म और उसमें रेंगते कीड़ों के साथ दिल्ली
के एक प्रतिष्ठित अस्पताल की ड्योढ़ी पर कराहता रहा। 15 दिन अस्पताल में
भर्ती रहने के बावजूद उसकी हालत सुधरी तो नहीं अलबत्ता वह जख्म और गहरा हो
गया और बाजू की हड्डी में कीड़े पड़ गये। आपातकालीन वार्ड में डाक्टरों ने
उसका छोटा-सा आपरेशन कर पट्टी तो बांध दी थी, लेकिन उसके बाद नर्सों ने न
पट्टी खोली न, डाक्टरों ने उचित दवाई दी। दर्द बढ़ता रहा, वह कराहता रहा और
डाक्टर दर्द कम करने के लिए एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाते रहे, आखिर 31
अक्तूबर को आपरेशन के 15वें दिन पट्टी के भीतर सड़ता घाव लिए जब वह बेहोश हो
गया तब डाक्टरों का दल हरकत में आया। पट्टी खोली तो कीड़ों से बुजबुजाता
घाव देखकर डाक्टर स्तब्ध रह गए।
कुछ दिन
पहले दर्द से कराहती एक महिला को उसके परिवारजन दिल्ली के एक निजी अस्पताल
में ले गए, वहां इसलिए उसे भर्ती नहीं किया गया कि घर के लोग 8,000 रुपये
की बजाय 5,000 रुपये लेकर ही आए थे। तमाम आ·श्वासन देने के बावजूद कि अभी
घर से पैसे ले आएंगे आप इलाज तो शुरू करें, महिला को न भर्ती किया, न उसका
इलाज शुरू हुआ, जब तक परिवार के लोग पैसे लेकर आए महिला दम तोड़ चुकी थी।
ऐसी घटनाओं से उस वि·श्वास को ठेस पहुंचती है, जो डाक्टर को भगवान का दर्जा
देता है। कहा जाने लगा है डाक्टर यानी पैसा बनाने की मशीन। अपनी फीस तो
फीस, हर चीज में कमीशन। जरूरत हो या नहीं तमाम तरह की जांचों के लिए मरीज
को दौड़ा देते हैं।
चिकित्सा व्यवसाय की
गरिमा आखिर क्यों कम हो रही है? क्या भगवान का स्वरूप माने जाने वाले
डाक्टर चिकित्सा शास्त्र का मूल उद्देश्य "पीड़ा से कराहते रोगी की सेवा' को
भूलकर पैसे की दौड़ में शामिल हो गए हैं? ऐसे ही कुछ प्रश्नों पर गत 10
नवम्बर को नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन द्वारा आयोजित स्वास्थ्य सम्मेलन में
विस्तार से चर्चा हुई। नई दिल्ली के सीरीफोर्ट सभागार में आयोजित इस
सम्मेलन में देशभर से आए लगभग एक हजार डाक्टरों और चिकित्सा विज्ञान के
छात्रों ने भाग लिया और नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन का संकल्प मंत्र
दोहराया जो एक चिकित्सक को बार-बार उसके दायित्व का बोध कराता है-
न त्वहं कामये, राज्यं, न स्वर्गं नापुनर्भवम्।
कामये दु:ख तप्तानां प्राणिनाम् आर्तिनाशनम्।।
अर्थात्
न राज्य की कामना है, न स्वर्ग की, न मुक्ति की, मात्र इतनी इच्छा है कि
रोगों और दु:खों से पीड़ित प्राणिमात्र की पीड़ा हर सकूं।
नेशनल
मेडिकोज आर्गेनाइजेशन चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐसा संगठन जो बार-बार
डाक्टरों को उनके कर्तव्य और स्वदेशी के भाव का भान कराता रहता है।
चिकित्सा क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से सक्रिय नेशनल मेडिकोज
आर्गेनाइजेशन ने अपने रजत जंयती वर्ष में अनेक कार्यक्रमों और जन सेवा की
दिशा में नये आयाम स्थापित किये। 10 नवम्बर को रजत जयंती वर्ष का समापन नई
दिल्ली में आयोजित स्वास्थ्य सम्मेलन के साथ हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन उप
प्रधापनमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी ने किया। उद्घाटन भाषण में श्री आडवाणी
ने देश में स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा
कि इन्हीं दो लक्ष्यों को पूरा न कर पाने के कारण भारत अपनी क्षमता के
अनुरूप प्रगति नहीं कर सका। उन्होंने मानव की तीन प्रवृत्तियों-साधु
प्रवृत्ति, वणिक प्रवृत्ति और चौर्य प्रवृत्ति की चर्चा करते हुए कहा कि
संगठन वही अच्छा होता है, जो व्यक्ति की साधु प्रवृत्ति को प्रोत्साहित
करने और चौर्य प्रवृत्ति का शमन करने में सहायक हो। नेशनल मेडिकोज
आर्गेनाइजेशन चिकित्सा जगत में ऐसा ही महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
5
नवम्बर, 1977 को वाराणसी में 18 चिकित्सा महाविद्यालयों के 41 छात्रों के
साथ शुरू हुए इस संगठन के साथ आज 186 चिकित्सा महाविद्यालयों के लगभग
10,000 छात्र और चिकित्सक जुड़े हुए हैं। देशभर के चिकित्सकों को विविध
कार्यक्रमों के माध्यम से "सामाजिक ऋण' एवं "राष्ट्र ऋण' चुकाने के लिए
जाग्रत करने के उद्देश्य को लेकर शुरू हुए इस संगठन से जुड़े चिकित्सकों ने
समाज के गरीब, पिछड़ी बस्तियों एवं वनवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक
स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचायी हैं। पीड़ा से कराहते रोगी की पीड़ा हरने का
ध्येय संगठन की स्थापना के चौदह दिन बाद ही कार्यरूप में परिवर्तित होने
लगा था। आंध्र प्रदेश में भीषण चक्रवात आया था और संगठन के संस्थापक
सदस्यों में एक डा. धनाकर ठाकुर, जो उस समय दरभंगा मेडिकल कालेज में चतुर्थ
वर्ष के छात्र थे, तीन और छात्रों के साथ चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में
दवाइयां आदि लेकर पहुंचे थे। उसके बाद से देश के किसी भी कोने में जब भी
कोई प्राकृतिक आपदा आयी नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन के चिकित्सकों ने आगे
बढ़कर प्रभावित लोगों की पीड़ा हरने का कार्य किया। कहीं भी भूकम्प हो, रेल
दुर्घटना हो, अकाल हो या कोई अन्य प्राकृतिक आपदा इस संगठन के चिकित्सक
वहां पहुंचे हैं। इसके अतिरिक्त इस संगठन के चिकित्सकों ने कई गांवों को
गोद लिया है, जहां वे अपनी नि:शुल्क सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। रजत जयंती
वर्ष में इस संगठन ने सेवा की दिशा में एक और सोपान तय किया और वह है अनाथ
बच्चों के लिए "निवेदिता निकेतन'। डा. धनाकर ठाकुर बताते हैं, "रांची में
स्थापित इस "निवेदिता निकेतन' में इस समय 18 बच्चे हैं। ऐसी अन्य छोटी-छोटी
परियोजनाएं हमारे संगठन ने शुरू की है। भविष्य में हमारी योजना वनवासी
क्षेत्रों में चिकित्सा महाविद्यालय खोलने की है, जिसमें वनवासी छात्र ही
होंगे। यह संगठन वह दिन देखना चाहता है, जब चिकित्सकों के साथ आम जनता
स्वास्थ्य के आंदोलन से जुड़ जाए। इसके लिए हम जन-जन में स्वास्थ्य के प्रति
चेतना जाग्रत करने का प्रयास कर रहे हैं।' इस संगठन ने वनवासी क्षेत्रों
में बहुत महत्वपूर्ण कार्य किया है। रांची के आसपास के वनवासी क्षेत्रों
में चल रहे एकल विद्यालयों के 40,000 बच्चों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किया
है। इसके अलावा किसी भी आकस्मिक प्राकृतिक आपदा से जूझने के लिए आपदा राहत
दल ("डिजास्टर काम्बैटिंग ग्रुप') भी बनाए हैं। इसके अंतर्गत हर प्रांत में
दवाइयों की "किट' के साथ किसी भी स्थिति में राहत पहुंचाने के लिए डाक्टर
तैयार हैं। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में "चिकित्सा में नैतिक मूल्य',
"चिकित्सा शिक्षा में सुधार' और "चलें गांव की ओर' विषयों पर चर्चा हुई।
"चिकित्सा में नैतिक मूल्य' सत्र की भूमिका प्रस्तुत करते हुए व्यवसाय से
कैंसर चिकित्सक और केन्द्र सरकार में भारी उद्योग सार्वजनिक उपक्रम मंत्री
डा. वल्लभ भाई कथीरिया ने कहा, "चिकित्सा व्यवसाय की गरिमा दिनोंदिन कम
होती जा रही है, इसका कारण स्वयं चिकित्सक हैं। अगर वे अपने व्यवसाय का
लक्ष्य पहचानें तो सही मायनों में राष्ट्र की सेवा कर सकेंगे।' इस सत्र के
मुख्य वक्ता थे दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डा. रंजीत राय चौधरी।
"चिकित्सा शिक्षा में सुधार' विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में नेशनल एकेडमी
ऑफ मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डा. हरी प्रताप गौतम ने महत्वपूर्ण बिन्दु
सामने रखे। इस सत्र का समापन करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार
कल्याण मंत्री श्री शत्रुघ्न सिन्हा ने तम्बाकू के कारण बढ़ती बीमारियों पर
चिंता व्यक्त करते हुए तम्बाकू सेवन के बारे में जनजागरण अभियान चलाने का
आह्वान किया और कहा बीमारियों से लड़ना सिर्फ सरकार या डाक्टर का काम नहीं
है, समाज के हर व्यक्ति को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना चाहिए।
सम्मेलन
के दूसरे सत्र का विषय था "चलें गांव की ओर' और "स्वास्थ्य के प्रति समग्र
प्रयास'। विशिष्ट अतिथि एवं प्रमुख वक्ता के रूप में देव संस्कृत
वि·श्विद्यालय के कुलाधिपति डा. प्रणव पंड्या ने बताया कि किस प्रकार अपनी
जीवनशैली को आध्यात्मिकता और उच्च नैतिक आदर्शों से जोड़कर व्यक्ति स्वस्थ
रह सकता है। "चलें गांव की ओर' विषय पर दीनदयाल शोध संस्थान के सचिव श्री
वसंत पंडित और नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक
डा. पी.के. दवे ने भी विचार व्यक्त किए।
समापन
सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के
सरसंघचालक श्री कुप्. सी. सुदर्शन ने चिकित्सकों से आत्मनिरीक्षण करने का
आह्वान करते हुए कहा कि हम पश्चिम का अंधानुकरण ही न करते रहें, अपने अतीत
और शास्त्रों को भी देखें कि हमारी स्वदेशी चिकित्सा पद्धति कितनी समृद्ध
है। उन्होंने कहा कि बहुराष्ट्रीय कम्पनियां अपने उत्पाद बेचने के लिए एड्स
जैसी बीमारियों का का हौवा पैदा कर रही हैं। देशवासियों को इस षड्यंत्र से
बचाने का एक महती दायित्व डाक्टरों पर है। स्वास्थ्य सम्मेलन को पुष्पावती
सिंघानिया चिकित्सा शोध संस्थान, नई दिल्ली के अध्यक्ष, केन्द्रीय ग्रामीण
विकास मंत्री श्री शांता कुमार और समाजसेवी श्री सूर्यनारायण राव ने भी
संबोधित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन रजत जयंती महोत्सव की आयोजन समिति
के सचिव डा. अनिल जैन ने किया।द
16
दविनीता गुप्ता



















कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें